धनबाद। एनिमल टेस्टिंग के बगैर ही अब दवाओं की सटीक जांच होगी। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आयोजित इन्वेंटिव 2026 कार्यक्रम में ऐसी नवीन तकनीक सामने आई है। इससे दवा परीक्षण और ड्रग डिस्कवरी की पूरी प्रक्रिया बदल सकती है। आईआईटी मुंबई से जुड़े छात्रों और वैज्ञानिकों की टीम ने ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इससे दवाओं की टेस्टिंग को अधिक सटीक, तेज और किफायती बनाने का दावा है।
दवा विकास की मौजूदा चुनौतियां
वर्तमान में नई दवा विकसित करने की प्रक्रिया बेहद महंगी और समय लेने वाली है। लगभग 90 प्रतिशत दवाएं क्लिनिकल ट्रायल के दौरान असफल हो जाती हैं। इसकी मुख्य वजह इंसानी शरीर के सटीक मॉडल की कमी और जानवरों पर परीक्षण पर अत्यधिक निर्भरता है। यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है। यह तकनीक अब प्रयोगशाला से बाहर निकल चुकी है। टीम ने अपनी कई तकनीकों को पेटेंट करा लिया है। वर्तमान में दो फार्मास्यूटिकल कंपनियां इसका उपयोग कर रही हैं। हालांकि, कानूनी बाध्यताओं के कारण टीम ने इन कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।










