रायबरेली (उप्र)। गुणवत्ताविहिन दवा निर्माता कंपनी और विक्रेता को नोटिस सौंपा गया है। दर्द निवारक दवा बनाने वाले कंपनियों ने मनमानी की सारी हदें पार कर दी है। दर्द निवारण दवाओं के नाम पर मरीजों को ठगा जा रहा है। लैब जांच में ये चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

दवा में पैरासीटामॉल और एसिक्लोफिनेक की मात्रा मानक के अनुरूप नहीं मिली। दवा में बुखार और दर्द निवारण के तत्व बेहद कम पाए गए। जांच रिपोर्ट के बाद सोलन की दवा निर्माता कंपनी और विक्रेता को नोटिस दिया है। ड्रग इंस्पेक्टर ने एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर से बैच नंबर एमडीटी 4669 की श्रेयम-एसपी दवा का सैंपल जांच के लिए भेजा था। यह दवा दर्द निवारण के काम आती है। इस दवा में 325 एमजी पैरासीटामॉल होने का दावा किया गया था। प्रयोगशाला की जांच में दवा में मात्र 90 एमजी पैरासीटामॉल मिली। दवा में 100 एमजी एसिक्लोफिनेक (दर्द निवारक) के स्थान पर जांच में मात्र 12 एमजी पाया गया। मायमा लाइफ साइन्सेस सोलन के साथ ही दवा विक्रेता को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। दुकानदारों को बैच नंबर एमडीटी 4669 की श्रेयम-एसपी दवा को वापस करने के निर्देश दिए हैं।