नई दिल्ली। दवा कंपनियां डॉक्टरों को गिफ्ट देकर महंगी दवाएं नहीं बेच सकेंगी। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह इस पर रोक लगाने के लिए नियम बना रही है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई तक के लिए टाल दी है। डॉक्टरों को महंगे तोहफे और विदेश यात्रा जैसी सुविधाएं देकर कंपनियां अपनी महंगी दवाएं बेचती हैं।

कोर्ट में यह मामला फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दाखिल किया था। याचिका में दवाओं की मार्केटिंग से जुड़े नियमों को कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाने की मांग की गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था कि डॉक्टरों से अपने पर्चे में सिर्फ जेनेरिक दवा लिखने को कहा जाना चाहिए।

डॉक्टरों की तरफ से सबसे ज्यादा लिखी जा रही डोलो 650 दवा को आधार बनाते हुए यह याचिका दाखिल हुई थी। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की संस्था ने दावा किया था कि डोलो 650 में पेरासिटामोल का डोज ज्यादा रखा गया। ऐसा दवा को महंगा बनाने के लिए किया गया। कंपनी ने डॉक्टरों को तरह-तरह के लालच देकर उनसे यही दवा लिखवाई।