आगरा (उप्र)। FSDA ने 13 दवा फर्मों पर की छापेमारी की है। दवाओं के प्रमुख बाजारों में 15 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने यह कार्रवई की। कंबू टोला, मुबारक महल, शू मार्केट और नवाबिया मार्केट समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में दबिश दी। इस दौरान 58 थोक दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त और निलंबित किए गए। विभाग ने 14 दवा कारोबारियों के खिलाफ 3 एफआईआर दर्ज कराई हैं। विभाग अब तक 9 मामले दर्ज करा चुका है।

फर्जी बिलों से नकली दवा का कारोबार

जांच में विभोर मेडिकल एजेंसी, वरदान मेडिकल एजेंसी, हर्षित ट्रेडर्स, गुप्ता मेडिकल एजेंसी और कोलकाता की पाल ब्रदर्स के बीच संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। टोरेंट फार्मा की शिकायत पर जांच में ‘काइमोरल फोर्ट’ और ‘एसिलॉक’ जैसी दवाएं नकली पाई गईं। निर्माता कंपनी ने भी पुष्टि की कि ये दवाएं उनकी नहीं थीं। जांच में फर्जी खरीद बिल तैयार कर नकली दवाओं को वैध दिखाने का खेल चल रहा था। इस मामले में पांच कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर कराई गई है।

अस्पतालों की दवाओं की कालाबाजारी

युग फार्मा, शारदा फार्मा और आरएमडी फार्मा की जांच में सरकारी आपूर्ति की दवाएं मिली। इन्हें नोट फोर सेल के निशान मिटाकर नए लेबल लगाकर बाजार में बेचने का खुलासा हुआ। एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने री-लेबलिंग करने की बात स्वीकार की। इस प्रकरण में भी पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।