मुंबई (महाराष्ट्र)। नशीली दवा निर्माण की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। मौके से 2 लाख ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड और टैपेंटाडोल टैबलेट जब्त की हैं। साथ ही मशीनरी और कच्चा माल भी बरामद किया गया है। वहीं तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जब्त की गई गोलियां नाइजीरिया में तस्करी की जा रही थीं।

यह है मामला

राजस्व सूचना निदेशालय (डीआरआई) ने नशीली दवा ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट के गुप्त निर्माण व अवैध निर्यात में शामिल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह अभियान एक हफ्ते तक खुफिया जानकारी पर आधारित रहा। फलस्वरूप 1 लाख ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट, 1 लाख टैपेंटाडोल टैबलेट जब्त की गई। निर्माण में इस्तेमाल हुई मशीनरी और कच्चा माल जब्त किया गया।

नशीली दवा

गिरोह के तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। डीआरआई के अधिकारियों ने मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में नाइजीरिया जाने वाले एक निर्यात खेप को जब्त किया। खेप में 300 मिलीग्राम प्रेगाबालिन कैप्सूल होने की घोषणा की गई थी। हालांकि, छिपाई गई 250 मिलीग्राम ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड की 1 लाख गोलियां और 200 मिलीग्राम टैपेंटाडोल की 1 लाख गोलियां जब्त की गई हैं।

ये गोलियां महाराष्ट्र के अंबरनाथ स्थित एक कारखाने में गुप्त तरीके से बनाई जाती थीं। उनकी पहचान छिपाने के लिए उन्हें सादे डिब्बों में पैक किया जाता था। इसके बाद खेप को मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के पास गोदाम में ले जाया जाता था। वहां उन्हें बोरियों में दोबारा पैक कर नाइजीरिया निर्यात किया जाता था। विनिर्माण संयंत्र में दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली कच्ची सामग्री व मशीनरी भी जब्त की गई। इस अभियान में तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है।