नासिक (महाराष्ट्र)। दवाएं ऑनलाइन मंगाकर जिम जाने वालों को बेचने का मामला प्रकाश में आया है। कोतवाली पुलिस ने चार लोगों को गिरफ़्तार किया है। इन पर आरोप है कि वे सोशल मीडिया के ज़रिए कार्डियक स्टिमुलेंट इंजेक्शन मंगाते थे। जबकि इन्हें केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही लिया जा सकता है।

आरोपी उन्हें जिम जाने वालों को परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली दवाओं के तौर पर बेचते थे। यह रैकेट पुलिस पेट्रोल टीम के सामने आया। शुरू में तीन संदिग्धों को गिरफ़्तार किया गया। इनसे मेफेन्टरमाइन सल्फेट इंजेक्शन की 40 शीशियां ज़ब्त की गईं। बाद में पुलिस ने इस मामले में चौथे आरोपी को भी गिरफ़्तार कर लिया। आरोपियों के पास दवाएं बेचने का लाइसेंस नहीं था।

वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए गैर-कानूनी तरीके से दवाएं मंगाते थे। फिर बिना किसी बिल के फिटनेस के शौकीन युवाओं को बेचते थे। इन इंजेक्शन का प्रचार जिम जाने वालों के बीच वर्कआउट की क्षमता बढ़ाने से किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेफेन्टरमाइन सल्फेट एक ‘शेड्यूल H’ दवा है। इसे सिर्फ़ डॉक्टर की वैध पर्ची पर ही बेचा जा सकता है। दिल की धड़कन और गतिविधि को बढ़ाने वाली यह दवा मुख्य रूप से अस्पतालों में इस्तेमाल की जाती है। इसका इस्तेमाल बहुत कम ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए किया जाता है। इसके गलत इस्तेमाल से सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है। चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।