नई दिल्ली। नकली दवा के उत्पादन-बिक्री पर लगाम लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जनहित याचिका दायर कर वैक्सीन और कफ सीरप समेत नकली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई है।

यह जनहित याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय ने दायर की है। इसमें स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, सभी राज्यों को पक्षकार बनाया गया है। केंद्र और राज्यों से नकली दवा मामलों की जांच तीन महीने में पूरी करने के लिए निर्देश मांगे हैं।

मिलावटी और नकली पेय और दवाओं के मामलों में कोई मानक जांच प्रक्रिया नहीं है। नकली दवाओं, सीरप, इंजेक्शन और वैक्सीन की बिक्री और उत्पादन में वृद्धि जारी है। इसमें जब्ती, नमूनाकरण और सूचीकरण की प्रक्रियाओं का अनिवार्य डिजिटल रिकॉर्डिंग का निर्देश देने की भी मांग की गई है। केंद्र से अनुरोध किया गया कि वह नकली दवा निर्माताओं व विक्रेताओं के लिए कठोर सजा नीति तैयार करें। याचिका में ड्रग्स और कॉस्मेटिक्स अधिनियम के कार्यान्वयन में खामियों पर चिंता जताई है।