नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने शुक्रवार से ‘विशेष अभियान 6’ की शुरुआत कर दी है। यह अभियान केंद्र सरकार के अस्पतालों, संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों, स्वायत्त संस्थानों, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) और अन्य संगठनों में 31 अक्टूबर तक चलेगा।

अभियान का उद्देश्य

विशेष अभियान 6 का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और सरकारी दफ्तरों में लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना है। अभियान के तहत:

  • कार्यस्थलों को साफ-सुथरा, व्यवस्थित और स्वच्छ बनाया जाएगा।
  • लंबे समय से लंबित फाइलों और मामलों का निपटारा किया जाएगा।
  • पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा कर अनावश्यक फाइलों को नियमों के अनुसार हटाया जाएगा।
  • बेकार पड़े सामान और कबाड़ का निपटान किया जाएगा।

2,017 स्थानों पर चलेगा सफाई अभियान

स्वच्छता अभियान के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों में स्वच्छता गतिविधियों के लिए कुल 2,017 स्थानों की पहचान की गई है। इनमें केंद्र सरकार के बड़े अस्पताल भी शामिल हैं, जहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।

‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ से जुड़ा अभियान

इससे पहले 1 अक्टूबर को मंत्रालय ने ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत नई दिल्ली में श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया था। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने इसका नेतृत्व किया था। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) सहित मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ थीम के तहत हिस्सा लिया था।

अस्पतालों में स्वच्छता क्यों जरूरी

अस्पतालों में साफ-सफाई सीधे मरीजों की सेहत से जुड़ी होती है। गंदगी और अव्यवस्थित वार्ड अस्पताल से फैलने वाले संक्रमण (हॉस्पिटल एक्वायर्ड इन्फेक्शन) का खतरा बढ़ाते हैं, जिससे मरीजों का इलाज लंबा और महंगा हो जाता है। साफ-सुथरे वार्ड, शौचालय, ऑपरेशन थिएटर और जैव-चिकित्सा कचरे (बायोमेडिकल वेस्ट) का सही निपटान अस्पतालों की गुणवत्ता की बुनियादी शर्तें हैं।

लंबित मामलों के निपटारे से मरीजों को राहत

सरकारी अस्पतालों और कार्यालयों में लंबित मामलों का निपटारा भी आम लोगों के लिए अहम है। इसमें मरीजों की शिकायतें, कर्मचारियों से जुड़े मामले और विभिन्न आवेदनों पर कार्रवाई शामिल होती है। अभियान के दौरान इन पर तेजी से काम होने से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

पिछले वर्षों में चले विशेष अभियानों के दौरान सरकारी दफ्तरों में बड़ी संख्या में पुरानी फाइलों की समीक्षा की गई थी और कबाड़ बेचकर राजस्व भी जुटाया गया था। इस बार भी अभियान के अंत में इसकी प्रगति की रिपोर्ट जारी की जाएगी।

स्रोत: आईएएनएस, पंजाब केसरी के माध्यम से (2 अक्टूबर 2026); आवाज द वॉयस