बस्ती (यूपी)। एजिथ्रोमाइसिन टैबलेट के एक बैच पर रोक लगा दी गई है। इसकी 78 हजार टैबलेट वापस भेजी गई हैं। ये दवाएं सरकारी अस्पतालों में मरीजों को वितरित की जाती हैं। एजिथ्रोमाइसिन-500 एमजी टैबलेट का एक बैच जांच में मिसब्रांडेड मिला है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित बैच की दवा के वितरण पर रोक लगा दी है।
ड्रग वेयर हाउस ने सीएमओ को इस संबंध में पत्र भेजा है। इसमें सभी चिकित्सा इकाइयों से बचा हुआ स्टॉक वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं। अब तक करीब 78 हजार टैबलेट वापस जमा कराई जा चुकी हैं। मामला एजिथ्रोमाइसिन टैबलेट आईपी 500 एमजी के बैच नंबर एजेडआईटी-56031 से जुड़ा है। इसका निर्माण मेसर्स सनराइज इंटरनेशनल लैब्स तेलंगाना ने किया है।
दवा की निर्माण तिथि दिसंबर 2025 और एक्सपायरी नवंबर 2027 है। औषधि निरीक्षक मुकेश ने जनप्रिय ड्रग वेयर हाउस, यूपीएमएससीएल बस्ती से दवा का नमूना लिया था। जांच रिपोर्ट में नमूने को अनिवार्य शर्तों के अनुरूप नहीं पाया गया।
इसके आधार पर दवा को मिसब्रांडेड घोषित किया गया। औषधि निरीक्षक ने संबंधित वेयर हाउस को नोटिस जारी किया। इसमें चिह्नित बैच का स्टॉक जिन इकाइयों को दवा भेजी गई, वहां से वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं। इस बैच की करीब तीन लाख टैबलेट मंडलीय ड्रग वेयर हाउस को उपलब्ध कराई गई थीं। यहां से अन्य चिकित्सा इकाइयों को दवा भेजी गई थी।





