बलरामपुर (उप्र)। युवक की मौत के बाद दो अस्पतालों को सील करने का मामला सामने आया है। वहीं एक अस्पताल को नोटिस जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के खिलाफ यह कार्रवाई की है। अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान दो अस्पतालों को सील कर दिया गया। जिस अस्पताल में युवक की मौत हुई थी, उसे नोटिस जारी किया गया है।
यह है मामला
स्वास्थ्य विभाग ने मझौवा के पॉपुलर पॉली क्लीनिक और शहर के लाइफ केयर हॉस्पिटल एंड डेंटल क्लीनिक की जांच की। शनिवार रात इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था। जांच में दोनों अस्पतालों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं मिला। इसके बाद इन्हें तत्काल सील कर दिया गया।
एचके हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पाई गई। टीम ने यहां सुधार के लिए संचालक को नोटिस दिया है। इस कार्रवाई से कई लोगों ने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विभाग केवल किसी हादसे या मौत के बाद ही कार्रवाई करता है।
आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कुछ कर्मचारी अवैध अस्पतालों को संरक्षण दे रहे हैं। एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जांच टीम में एसीएमओ डॉ. रवि नंदन त्रिपाठी और राजेश कुमार सिंह भी शामिल रहे।










