नई दिल्ली। दवा कंपनी को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक दवा सप्लाई करने वाली कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की है। यह कंपनी विनायक मनुट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर में है। संस्थान ने जीईएम पोर्टल पर 10 फीसदी पोविडोन-आयोडीन घोल की 500 एमएल की बोतलें खरीदने के लिए टेंडर निकाला था।

इस टेंडर में यह कंपनी सबसे कम बोली लगाने वाली के रूप में सामने आई थी। इसने प्रति बोतल सिर्फ 39 रुपये की कीमत बताई थी। हालांकि, बोली जीतने के तुरंत बाद कंपनी ने दावा किया कि उसने गलती से इतनी कम कीमत बता दी। कहा कि हम इस दवा की सप्लाई नहीं कर सकते। कृपया इस ऑर्डर को रद्द कर दें।

इस स्थिति के कारण अस्पताल में जरूरी दवाओं की कमी हो गई। इससे मरीजों की देखभाल में बाधा आई। संस्थान ने कंपनी को स्थिति सुधारने के कई मौके दिए। सबसे पहले एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कोई जवाब न मिलने पर कंपनी को 2 साल के लिए बैन कर दिया गया।