नैनीताल (उत्तराखंड)। फार्मासिस्ट भर्ती में बी.फार्मा डिग्री को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अमान्य करार दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदेश में फार्मासिस्ट पदों पर भर्ती के लिए केवल फार्मेसी में डिप्लोमा (डी.फार्मा) ही वैध माना जाएगा। बी.फार्मा डिग्री धारक उम्मीदवार वर्तमान सेवा नियमों के तहत फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं हैं।
यह है मामला
बी फार्मा डिग्री धारकों ने अपनी याचिकाओं में दलील दी थी कि चूंकि उनके पास उच्च योग्यता है, इसलिए उन्हें फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन करने की अनुमति दी जानी चाहिए। यह भी दावा किया कि राज्य सरकार ने पहले उन्हें आश्वासन दिया था कि बी.फार्मा को मान्यता मिलेगी। अभी तक नियमों में कोई संशोधन नहीं किया गया है।
न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की पीठ ने कहा कि भर्ती के लिए पात्रता मानदंड तय करना नीतिगत मामला है। जब तक सेवा नियमों में संशोधन नहीं किया जाता, तब तक राज्य फार्मेसी परिषद में पंजीकृत डी.फार्मा धारक ही फार्मासिस्ट पद पर भर्ती के लिए पात्र माने जाएंगे। अगर भविष्य में नियमों में बदलाव होता है, तभी बी फार्मा डिग्री धारक उसका लाभ ले सकते हैं। अदालत ने यह कहते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया।