पटना: बिहार के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए जांच की सुविधा बेहतर हो रही है। सीवान जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल के तहत निशुल्क पैथोलॉजी जांच शुरू कर दी गई है, वहीं मधुबनी सदर अस्पताल में भी 87 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें एक ही जगह शुरू करने की तैयारी है।
सीवान: सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच शुरू
सीवान में पीपीपी मॉडल के तहत साइंस हाउस प्राइवेट लिमिटेड ने बुधवार से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निशुल्क पैथोलॉजी जांच की सुविधा शुरू कर दी है। इस व्यवस्था में सामान्य जांचों के साथ कई महंगी और विशेष जांचें भी शामिल हैं, जिनके लिए अब तक मरीजों को निजी जांच केंद्रों में बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती थी।
सदर अस्पताल में पैथोलॉजी जांच के लिए अलग काउंटर बनाया गया है, ताकि मरीजों को सैंपल देने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। सरकारी अस्पतालों के माइक्रोबायोलॉजिस्ट और लैब टेक्नीशियन भी जांच प्रक्रिया में शामिल रहेंगे।
मधुबनी: एक छत के नीचे 87 तरह की जांच
मधुबनी सदर अस्पताल में भी पीपीपी मोड पर 87 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें शुरू होने जा रही हैं। इनमें शामिल हैं:
- सामान्य रक्त जांच
- बायोकेमिकल जांचें (जैसे लिवर, किडनी फंक्शन)
- हार्मोन से जुड़ी जांचें
- संक्रमण संबंधी जांचें
- यूरिन और स्टूल जांच
- कोएगुलेशन (खून जमने से जुड़ी) जांचें
- कई विशेष प्रोफाइल टेस्ट
इस सुविधा के शुरू होने से सदर अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को अलग-अलग जांच के लिए निजी पैथोलॉजी केंद्रों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो जाएगी।
मरीजों को कैसे होगा फायदा
ग्रामीण और गरीब परिवारों के लिए इलाज का बड़ा खर्च अक्सर जांचों पर ही होता है। डॉक्टर कई जांचें लिखते हैं, लेकिन सरकारी अस्पताल में सुविधा न होने पर मरीजों को निजी लैब में जाना पड़ता है। अस्पताल में ही मुफ्त या कम कीमत पर जांच होने से:
- मरीजों का जेब से होने वाला खर्च घटेगा।
- जांच रिपोर्ट जल्दी मिलने से इलाज समय पर शुरू हो सकेगा।
- मरीजों को बार-बार अस्पताल और लैब के बीच भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
मरीज रखें ध्यान
जांच कराने के लिए अस्पताल की पर्ची लेकर निर्धारित काउंटर पर ही सैंपल दें। अगर किसी जांच के लिए खाली पेट आने जैसी कोई तैयारी जरूरी हो, तो उसकी जानकारी पहले से ले लें। रिपोर्ट मिलने के बाद उसे डॉक्टर को जरूर दिखाएं। अगर अस्पताल में कोई कर्मचारी मुफ्त जांच के बदले पैसे मांगे, तो इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन या सिविल सर्जन से की जा सकती है।
स्रोत: प्रभात खबर (सीवान), प्रभात खबर (मधुबनी) (1 अक्टूबर 2026)



