भागलपुर (बिहार)। ब्लड रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। मजबूर मरीजों से 4 हजार से 10,000 रुपये प्रति यूनिट तक वसूले जा रहे हैं। ये रकम ब्लड बैंक की कानूनी दर से कहीं अधिक है। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और कई निजी नर्सिंग होम के आसपास ये दलाल सक्रिय हैं।
पुलिस मुख्यालय को इस संबंध में शिकायत मिली दहै। यह गिरोह उन रिश्तेदारों की घबराहट का फायदा उठाता है जिन्हें डॉक्टरों से तत्काल रक्त प्रबंध करने को कहा जाता है। दलाल अस्पतालों के वार्डों में पहुंच जाते हैं। वे परिवारों को आश्वासन देते हैं कि अभी रक्तदाता का इंतजाम हो जाएगा। बस पैसे दे दीजिए। सौदा तय होते ही दलाल अपने नेटवर्क के किसी दाता से संपर्क करता है। रक्त बैंक में दाता को रिश्तेदार के रूप में पेश करता है। रक्त आधान की प्रक्रिया पूरी करवा देता है।
यह पूरा लेन-देन अक्सर कुछ ही मिनटों में हो जाता है। इससे परिवार आर्थिक रूप से कंगाल हो जाते हैं। शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई। उसमें विक्रम, विकास, कार्तिक, प्रदीप, प्रमोद, राकेश सहित दो दर्जन से अधिक दलालों के नाम हैं। इन व्यक्तियों पर एक सुव्यवस्थित नेटवर्क चलाने का आरोप है। शिकायतें मिलने पर बिहार पुलिस मुख्यालय ने मामले को विशेष शाखा को सौंप दिया है। फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है।










