तिरुवनंतपुरम (केरल)। कैंसर दवा की अदला-बदली के बाद फार्मा कंपनी परकानूनी कार्रवाई का आदेश दिया गया है। रीजनल कैंसर सेंटर (आरसीसी) में हुई घटना में दवा के लेबल में गड़बड़ी पाई गई। फेफड़ों के कैंसर की कीमोथेरेपी दवा को मस्तिष्क कैंसर की दवा के रूप में चिह्नित डिब्बे में पैक कर दिया गया था। राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) ने दवा की आपूर्ति करने वाली फार्मा कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही का निर्देश दिया है।
यह निर्देश आयोग के अध्यक्ष, पूर्व न्यायाधीश अलेक्जेंडर थॉमस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जारी किया गया था। आयोग ने इससे पहले इस मामले की व्यापक जांच का आदेश दिया था। 9 जुलाई को आरसीसी फार्मेसी के कर्मचारियों ने एक मरीज को दवा देते समय लेबल में गड़बड़ी का पता लगाया। दरअसल, एक दवा के पैकेट के अंदर दूसरी दवा पाई गई थी।
गलती का पता चलने के बाद, राज्य औषधि नियंत्रक ने दवा के पांच पैकेट जब्त कर अदालत में पेश किए। दवा की आपूर्ति करने वाली कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और कंपनी को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है। अध्यक्ष ने आरसीसी निदेशक को कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।










