औरैया। दवा सैंपल फेल मिलने से 2 फार्मा कंपनियों पर एफआईआर दर्ज कराई है। औषधि निरीक्षक की ओर से दवाओं के सैंपल भेजे गए थे। इनमें पांच दवाएं जांच में फेल पाई गईं हैं। दो दवा कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। वहीं अन्य के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। पांच महीनों में लिए दवाओं के पांच सैंपल फेल हो गए हैं। ये सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे थे।
इनमें पहला नमूना चौहान मेडिकल स्टोर बेला से लिया गया था। सेफीटेक्स 50 नाम से बिकने वाली यह दवा एंटीबायोटिक थी। यह बच्चों के लिए बनाई गई थी। इसमें जांच में दवा की मात्रा 71.64 प्रतिशत ही पाई गई। शाश्वत मेडिकल स्टोर से लिए सिडबैक्ट 250 भी जांच में बेदम निकल गई। दोनों मामलों में सीजेएम न्यायालय में कंपनियों पर केस दायर किए हैं।
कृष्णा मेडिकल स्टोर अछल्दा से लिया रोबिसिया-डीएसआर का भी नमूना फेल आया है। इसमें रेबीप्राजोल दवा की मात्रा में 18 से 22 प्रतिशत के सापेक्ष 14.99 प्रतिशत थी। वहीं डॉम्पेरीडोन की मात्रा 33 प्रतिशत के सापेक्ष 25.66 प्रतिशत मिली। इसमें दवा निर्माता कंपनी को नोटिस भेजा गया है। सिद्दीकी मेडिकल स्टोर से लिया मेडपॉड सस्पेंसन भी जांच में फेल हो गया। इसमें दवा की मात्रा केवल 66.77 प्रतिशत ही पाई गई। मामले में कंपनी को नोटिस भेजा गया है। लेकिन अब तक जवाब नहीं मिल सका है।
इसमें एक दवा जहां एंटासिड है तो बाकी तीन दवाएं एंटीबायोटिक की श्रेणी में हैं। चार दवा के नमूने जांच में फेल हो गए। वहीं एक सैंपल मिसब्रांड भी मिला। दिबियापुर के विश्नोई मेडिकल स्टोर से लिया गया रोफोनिल बोलस का यह नमूना था। इस पर नियमानुसार जानकारी दर्ज नहीं गई थी। मामले की सूचना संबंधित औषधि निरीक्षक को भेजी गई है।










