शिमला (हप्र)। दवा लाइसेंस के बदले रिश्वत केस में पूर्व उप दवा नियंत्रक के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने की। हिमाचल प्रदेश में दवा बनाने के लाइसेंस जारी करने और रिन्यू करने के लिए बदले रिश्वत लेने का मामला है। शिमला स्थित विशेष न्यायालय में पूर्व उप दवा नियंत्रक व ड्रग लाइसेंसिंग अथारिटी कपिल धीमान के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है।
यह चार्जशीट धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कपिल और अन्य के खिलाफ दायर की गई है। इससे पहले जांच के दौरान ईडी ने प्रोविजनल अटैचमेंट आदेश के जरिए कपिल धीमान और उनके परिवार के सदस्यों की 2.07 करोड़ की संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से अटैच किया था।
ईडी ने सोलन में कपिल धीमान (तत्कालीन डिप्टी ड्रग कंट्रोलर/ड्रग लाइसेंसिंग अथारिटी सोलन) के खिलाफ जांच शुरू की थी। प्राथमिकी में दवा बनाने के लाइसेंस जारी और रिन्यू करने के लिए रिश्वत लेने व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप था। जांच के बाद सोलन के स्पेशल जज के सामने धीमान और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।
स्पेशल जज ने दिए फैसले में कपिल धीमान, लक्ष्मण सिंह धीमान (कपिल के पिता) और पुनीत धीमान (भतीजे) को अपराध में उनकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया था।
जांच में पता चला कि कपिल ने अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया। अपने अधिकार क्षेत्र की फामा फर्मों से अपराध की कमाई हासिल की। इस कमाई को अपने नाम और अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के नाम किया। उसने रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियों में निवेश कर खुद को बेदाग दिखाने की कोशिश की।










