पाली (राजस्थान)। फार्मा कंपनी का बकाया नहीं देने पर सीएमएचओ का चैंबर कुर्क कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के चैंबर को ताला लगाकर चाबी डिक्रीदार को सौंप दी है। कोर्ट के आदेश के बाद भी फार्मा कंपनी के ब्याज के 22.9 लाख का भुगतान नहीं किया गया था।
कंपनी ने साल 2012 और 2013 में करीब 48 लाख की दवाइयां सप्लाई की थीं। लंबे समय तक भुगतान नहीं होने पर कंपनी ने ब्याज के लिए कोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने 9 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से राशि चुकाने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई की गई। सीएमएचओ विकास मारवाल का कहना है कि सामने वाली पार्टी ने ब्याज के लिए कोर्ट में क्लेम किया है। वे भी कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे
कोर्ट के आदेश पर भी नहीं किया था भुगतान
साल 2012 और 2013 में मेकोन फार्मा ने पाली CMHO कार्यालय को करीब 48 लाख की दवाइयां सप्लाई की थीं। साल 2015 में तत्कालीन सीएमएचओ ने कंपनी को 26 लाख का भुगतान किया। इसके बाद मार्च 2022 में बकाया 22 लाख का भुगतान किया गया।

लंबे समय तक भुगतान रोके रखा गया। इसके चलते कंपनी ने ब्याज की मांग को लेकर न्यायालय, जोधपुर में याचिका दायर की थी। सितंबर 2025 में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए परिवादी को 9 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से 22 लाख 9 हजार 117 रुपए देने के आदेश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी परिवादी को ब्याज की राशि का भुगतान नहीं किया गया।
नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं किया तो चेंबर कुर्क
मामले में 3 महीने पहले कोर्ट की ओर से सीएमएचओ पाली को नोटिस दिया गया था। इसमें परिवादी को राशि का भुगतान नहीं करने पर डिक्री की कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। कोर्ट के आदेश पर सीएमएचओ के चेंबर को कुर्क कर दिया गया है। चैंबर पर ताला लगाकर डिक्रीदार जयकुमार शर्मा को चाबी सौंप दी गई। वहीं, चेंबर पर कोर्ट का नोटिस चिपका दिया है।





