जबलपुर। जहरीले कफ सिरप कांड के दो आरोपियों को सशर्त जमानत मिल गई है। छिंदवाड़ा जिले के बहुचर्चित जहरीले कफ सिरप कांड में आरोपी दो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को हाईकोर्ट ने जमानत दी है। हाईकोर्ट जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने ये फैसला सुनाया है।
सिरप से 20 से ज्यादा बच्चों की हुई थी मौत
छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप के सेवन से 20 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में आरोपी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा और शैलेश सिंह पांड्या जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे। कहा गया था कि उन्हें कफ सिरप में किसी प्रकार की मिलावट या खराबी की जानकारी नहीं थी। वह मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर आर्डर मिलने पर कंपनी को सप्लाई का ऑर्डर देते थे। उनका जहरीले कफ सिरप के निर्माण से सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं है। दवा के भंडारण, वितरण या नष्ट करने में भी उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
वहीं, सरकार की ओर से जमानत आवेदनों का विरोध िकया गया। कहा गया कि विवादित कफ सीरप के प्रचार-प्रसार, आपूर्ति तंत्र में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स की भूमिका है। मुख्य आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी और फार्मा कंपनी के बीच आवेदक (एमआर) मुख्य कड़ी के रूप में कार्य करते थे। जांच में आवेदक के खिलाफ कई अहम सबूत हैं। हालांकि, कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को सशर्त जमानत प्रदान की है।










