अजमेर (राजस्थान)। दवा कंपनी के डायरेक्टर से 1.11 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। यह ठगी 7 देशों में उत्पादों को रजिस्टर्ड कराने के बहाने की गई है।

यह है मामला

पीडि़त दिनेश मुरजानी अजमेर की सागर विहार कॉलोनी में रहते हैं। वह एक दवा कंपनी के संचालक हैं। वह पंचशील इलाके में मेलिरोन फार्मा नामक कंपनी में डायरेक्टर हैं। दिनेश की कंपनी दक्षिण अफ्रीका में दवाओं की सप्लाई करती है। नियमों के अनुसार किसी भी देश में वहां के स्थानीय प्रशासन से रजिस्ट्रेशन कराना होता है।

दवाओं के पंजीकरण की यह प्रक्रिया काफी जटिल होती है। इसे वहां की स्थानीय एजेंसियां ही पूरा करवाती हैं। दिनेश ने सेनेगल की फार्मा डिस अफ्रीका के एजेंट से संपर्क किया था। एजेंट ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह जल्द रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करवा देगा।

एजेंट ने रजिस्ट्रेशन की फीस और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर पीडि़त से 105000 यूरो की मांग की। भारतीय मुद्रा के हिसाब से यह राशि लगभग 1 करोड़ 11 लाख 8 हजार 685 रुपये के करीब होती है। पीडि़त ने यह रकम बैंक के माध्यम से एजेंट को ट्रांसफर कर दी थी।

पैसे मिलने के बाद एजेंट के व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगा और काम में देरी होने लगी। पीडि़त लगातार एजेंट के संपर्क में रहे लेकिन 18 महीने बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। एजेंट ने अंत में बातचीत करना बंद कर दिया। जब पीडि़त ने अपनी पूंजी वापस मांगी तो एजेंट ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीडि़त को अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। दिनेश मुरजानी ने अजमेर के थाने में आरोपी एजेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।