पटना (बिहार)। नशे के इंजेक्शन गुजरात की कंपनियों से पटना सप्लाइ होने का मामला प्रकाश में आया है। नशे के आदी युवक बूप्रेनोरफीन और एविल इंजेक्शन को मिलाकर ले रहे हैं। पुलिस के हत्थे चढ़े कुछ नशेड़ियों से इसका राज खुला। नशेडिय़ों ने बताया कि दोनों मिलाकर लेने से किक मिलता है। नशे के प्रभाव को कई गुना पैदा करने के लिए नशेड़ी ऐसा करते हैं।
पुलिस और ड्रग विभाग ने इस साल 35 हजार से ज्यादा नशीले इंजेक्शन जब्त किए हैं। इसकी खेप गुजरात की फार्मा कंपनियों से सीधे माफियाओं तक पहुंच रही हैं। ये माफिया अहमदाबाद की आयकॉन बायो साइंसेस, बड़ौदा की रेडिएंट, अहमदाबाद की नूइडियन फार्मास्यूटिकल्स और थेमिस मेडीकेयर से थोक में इंजेक्शन मंगाते हैं। वे बिहार और अन्य राज्यों में अवैध धंधा कर रहे हैं। पटना पुलिस की नजर में जो ड्रग्स माफिया फरार हैं, वे धंधा कर रहे हैं।
जवाब नहीं दे रहीं कंपनियां
पटना के असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर चुनेंद्र महतो के अनुसार गुजरात की कंपनियों के इंजेक्शन मिले हैं। हमने उन कंपनियों कई बार पत्र लिखकर सप्लाई की जानकारी मांगी है। वे जवाब नहीं दे रही हैं।










