नई दिल्ली। नशीली दवा नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली पुलिस ने पांच आरोपित को गिरफ्तार किया है। इनमें एक पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था। अन्य आरोपित दवा के धंधे से जुड़े हुए थे। सभी ने दवाओं का अवैध कारोबार शुरू कर दिया था। इस अवैध धंधे ने सभी को हवालात पहुंचा दिया। इनकी निशानदेही पर 3.5 करोड़ की अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की गई है। एक करोड़ की ट्रामाडोल टैबलेट और कैप्सूल बरामद की है।

आरोपितों में नितिन पाठक, उत्तर प्रदेश के कासगंज का रहने वाला है। बीएससी ग्रेजुएट है। वह पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर काम करता था। वहां उसे डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवाओं के बारे में पता चला। उसने तेजी से रुपये कमाने के लिए अवैध धंधा शुरू कर दिया।

प्रेम सिंह यादव मंडोली का रहने वाला 12वीं पास है। वह भोपुरा में मेडिकल स्टोर चला रहा था। उसी दौरान उसके अवैध सप्लायरों से तार जुड़ गए थे। इसके बाद वह बिना वैध दस्तावेज के दवाएं बेचने लगा। शालू कुमार, लक्ष्मी नगर का रहने वाला है। उसने दवाओं के अवैध धंधे में कदम रख दिया। संजय सिंह भागीरथ प्लेस में मजदूर के तौर पर काम किया। इसके बाद खुद का दवा सप्लाई का बिजनेस शुरू किया। ज्यादा मुनाफे के चक्कर में गैर-कानूनी धंधों में शामिल हो गया।

जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने जौहरीपुर रोड पर मोटरसाइकिल पर दो आरोपित को पकड़ लिया। उनमें एक की पहचान नितिन पाठक के रूप में हुई। उनके पास से अल्प्राजोलम व ट्रामाडोल टैबलेट बरामद हुए।

पूछताछ के बाद भोपुरा में मेडिकल स्टोर मालिक प्रेम सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसकी दुकान से 2,250 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए। प्रेम सिंह यादव से पूछताछ के आधार पर शालू को गिरफ्तार कर लिया गया। शालू कुमार से पूछताछ के बाद अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।