नई दिल्ली। फर्जी फार्मेसी रजिस्ट्रेशन रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। राजधानी दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने इस रैकेट का खुलासा किया है। इस मामले में पूर्व रजिस्ट्रार, क्लर्क, दलाल, प्रिंटिंग शॉप मालिक, फार्मेसी कॉलेजों के कर्मचारी और 35 फर्जी फार्मासिस्ट समेत कुल 47 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
यह है मामला
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने शिकायत दी थी कि दिल्ली फार्मेसी काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार कुलदीप सिंह ने फर्जी दस्तावेजों पर कई लोगों को फार्मासिस्ट के रूप में रजिस्टर किया। कुल 4928 फार्मासिस्टों के रजिस्ट्रेशन की जांच जारी है और अब तक 35 फर्जी फार्मासिस्ट गिरफ्तार किए गए हैं। जांच में सामने आया कि बिना टेंडर के निजी कंपनी के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चलाई गई और नकली डिप्लोमा और ट्रेनिंग सर्टिफिकेट अपलोड कर फर्जी रजिस्ट्रेशन करवाए गए।
कॉलेज कर्मचारियों ने ईमेल के जरिए फर्जी प्रमाणपत्रों की पुष्टि की। जांच में सामने आया कि संजय नामक दलाल के जरिए रिश्वत लेकर रजिस्ट्रेशन करवाए गए। पूर्व रजिस्ट्रार कुलदीप सिंह ने पद छोडऩे के बाद भी 232 रजिस्ट्रेशन अप्रूव किए। मामले में फर्जी सर्टिफिकेट छापने वाले प्रिंटिंग शॉप मालिक और अन्य आरोपियों की संलिप्तता उजागर हुई है। फिलहाल इस घोटाले की गहन जांच की जा रही है।