बलिया। निजी अस्पताल संचालिका सहित पांच डॉक्टरों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला की मौत के मामले में यह कार्रवाई की गई। अस्पताल के ओटी को सील कर दिया गया है। अपूर्वा अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान अनीशा राय की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने पांच डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज की है।

घटना के 24 घंटे बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऑपरेशन में लापरवाही मिलने पर ओटी को सील कर दिया है। मरीज व एसएनसीयू वार्ड में नवजात भर्ती होने के कारण अस्पताल को सील नहीं किया जा सका। दूसरे दिन अस्पताल की सुरक्षा के लिए पीएसी मुस्तैद रही। वहीं, कड़ी सुरक्षा के बीच अनीशा का दाह संस्कार महावीर घाट पर कर दिया गया।

देवकली गांव के शिवांशु राय की पत्नी अनीशा राय को करीब पांच माह पूर्व अपूर्वा अस्पताल में सिजेरियन से बच्चा हुआ था। अल्ट्रासाउंड जांच में अनीशा के दो एमएम की पथरी मिली थी। महिला चिकित्सक ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन कराने की सलाह दी। शिवांशु ने बताया कि पथरी के ऑपरेशन के लिए अनीशा को अपूर्वा नर्सिग होम में भर्ती कराया था।

डॉक्टर ज्योत्सना सिंह ने लेजर विधि से ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये एडवांस जमा करा लिए। डॉ ज्योत्सना सिंह, डॉ. अपूर्वा सिंह, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. संजय सिंह व डॉ. रोहन गुप्ता ने अनीशा का ऑपरेशन किया। लापरवाही के कारण अनीशा की मौत हो गई। मामले को छिपाने के लिए डॉ. ज्योत्सना ने मेदांता अस्पताल लखनऊ ले जाने के लिए कहा। प्रभारी कोतवाल विजेन्द्र सिंह ने बताया कि ज्योत्सना सहित पांच पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। अपूर्वा नर्सिंग होम के ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया। आगे संबंधित पत्रावली उपलब्ध कराने पर कार्रवाई जारी रहेंगी।