सुलतानपुर (उप्र)। सिरप और कैप्सूल बेचने वाली 4 दवा एजेंसियों के संचालकों पर FIR दर्ज हुई है। प्रतिबंधित कोडीनयुक्त औषधियों के दुरुपयोग मामले में कोतवाली नगर में केस दर्ज किया गया है।
यह है मामला
औषधि निरीक्षक राजू प्रसाद ने बताया कि अमहट स्थित अनीस मेडिकल एजेंसीज पर छापेमारी की थी। इसमें संचालक अनीस अहमद ने प्यूराक्सोविन स्पास कैप्सूल संबंधित कोई विक्रय बिल उपलब्ध नहीं कराया। इसी एजेंसी द्वारा प्रस्तुत विक्रय अभिलेखों के सत्यापन के क्रम में कई अन्य दवा स्टोरों को कार्रवाई हुई। मैसर्स अभिषेक मेडिकल स्टोर, मेसर्स न्यू गुप्ता मेडिकल हाल, मेसर्स संगीता मेडिकल स्टोर से क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख मांगे गए थे। इन्होंने प्यूराक्सोविन कैप्सूल के कुल 1180 बाक्स के क्रय करने से इंकार किया गया।
शाहगंज स्थित मेसर्स वैश्य मेडिकल स्टोर की संचालक नेहा कसौंधन ने कोडिवा कफ सीरप संबंधित कोई भी अभिलेख नहीं दिखाया। गोलाघाट स्थित मेसर्स अमर फार्मास्यूटिकल्स द्वारा दिल्ली स्थित मेसर्स वान्या इंटरप्राइजेज से कफ सीरप की आपूर्ति की सूचना मिली। जांच करने पर प्रतिष्ठान बंद मिला।
संचालक पुष्पेंद्र कुमार ने एक वर्ष पूर्व ही प्रतिष्ठान बंद होने की जानकारी दी। उनके घर में भी जांच में दवाएं नहीं पाई गईं। उन्हें सीरप संबंधी क्रय-विक्रय का अभिलेख प्रस्तुत करने का कहा गया था। उन्होंने 30 हजार बोतलों का क्रय बिल तो उपलब्ध कराया, लेकिन विक्रय बिल नहीं दिखा सके। जांच में संचालक की फर्म के खाते से 23 लाख 52 हजार रुपये भेजे जाने की पुष्टि हुई है। कोतवाल धीरज कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।










