सोनीपत (हरियाणा)। आयुर्वेदिक दवा के निर्माण में गंभीर अनियमितता मिली हैं। संबंधित फैक्टरी के प्रोपराइटर पर केस दर्ज कराया गया है। आयुष विभाग ने औद्योगिक क्षेत्र बाबा कॉलोनी स्थित बीकेबी आयुर फार्मा आयुर्वेदिक दवा फैक्टरी पर छापा मारा। यहां कई खामियों का खुलासा किया गया। जांच के बाद फैक्टरी के प्रोपराइटर अमित कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, आयुर्वेदिक दवा का भ्रामक प्रचार करने पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्ष छिक्कारा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।

यह है मामला

जिला आयुर्वेद अधिकारी एवं औषधि निरीक्षक रामअवतार सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। आयुष विभाग की टीम बीकेबी आयुर फार्मा फैक्टरी पहुंची थी। वहां दवा निर्माण का कार्य पूरी तरह बंद पाया गया। मशीनें रुकी हुई थीं। निर्माण से जुड़ा कच्चा माल व तैयार उत्पाद अस्त-व्यस्त हालत में बिखरा हुआ मिला। फैक्टरी के प्रोपराइटर से आवश्यक जानकारी मांगी गई। वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। औषधि निर्माण और बिक्री से संबंधित कोई भी रिकॉर्ड मौके पर प्रस्तुत नहीं किया गया।

टीम ने निरीक्षण के दौरान औषधियों की जांच की। इसमें दवाओं में संभावित प्रतिबंधित पदार्थों की मिलावट की आशंका जताई गई। इस पर आयुष विभाग ने दवाओं के सैंपल लिए हैं। लैब से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच में सामने आया कि अमित कुमार की पुरानी फर्म बाबा जी की बूटी पर भी पांच सैंपल लिए गए थे। जांच में फर्म ड्रग्स नियमों का उल्लंघन करती पाई गई थी।

इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी किया और फर्म का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। इसके बावजूद तथ्यों को छिपाकर बीकेबी आयुर फार्मा के नाम से नया लाइसेंस हासिल किया गया। मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्ष छिक्कारा की भूमिका भी जांच के घेरे में है। उन्होंने बाबा जी की बूटी और बीकेबी आयुर फार्मा की निर्मित दवाओं का प्रचार किया। आरोप है कि उत्पादों के सब स्टैंडर्ड होने की जानकारी के बावजूद उनकी गुणवत्ता को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया।