गोरखपुर। हेल्थ इंश्योरेंस के फर्जी भुगतान में दो अस्पतालों के नाम सामने आए हैं। इस फर्जीवाड़े में तारामंडल के उमंग अस्पताल और बेतियाहाता के पुष्पांजलि अस्पताल के नाम पता चले हैं। पुलिस ने दोनों अस्पतालों के पांच कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। बजाज आलियांज की शिकायत पर जांच शुरू हुई। इसमें सत्यदीप के नाम पर फर्जी भुगतान का खुलासा हुआ। पहले भी इस मामले में गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

यह है मामला

हेल्थ इंश्योरेंस का फर्जी तरीके से भुगतान कराने के मामले कई अस्पताल शामिल हैं। बजाज आलियांस फाइनेंस कंपनी ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि सत्यदीप के नाम पर एक लाख 80 हजार का हेल्थ इंश्योरेंस का भुगतान दिया गया है। जबकि वे कभी अस्पताल नहीं गए।

सत्यदीप ने जब इसकी पुष्टि कर दी तो पुलिस ने जांच की। इस मामले में पुलिस ने डिसेंट अस्पताल के संचालक गेहुआसागर निवरासी शमसुल और उसके सहयोगी प्रवीण उर्फ विकास त्रिपाठी को गिरफ्तार किया। पता चला कि गोरखपुर के साथ ही बस्ती के डिसेंट अस्पताल में 15 के नाम से लगभग एक करोड़ 20 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया है।

पुलिस ने गगहा के नर्रे गांव के कथित चिकित्सक अफजल सहित दो लोगों को गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया। दोनों से पूछताछ की तो पता चला कि जिस एपेक्स अस्पताल में रोगियों का फालोअप दिखाया गया था, वह नहीं है। उधर जांच के दौरान डिसेंट हास्पिटल के रिकार्ड रूम में कई फाइलें संदिग्ध मिली। पुलिस का कहना है कि उमंग अस्पताल में कोई बेड हेड टिकट नहीं मिला। न ही कोई कंप्यूटर सिस्टम पाया गया है। पुष्पांजलि में नया बेड हेड टिकट और दो कंप्यूटर सिस्टम मिला। इसे कब्जे में लेकर पुलिस टीम जांच कर रही है।