पटना (बिहार)। प्रतिबंधित कफ सिरप की 12 हजार बोतलों के साथ 4 अरेस्ट किए हैं। मो. आदिल, अनवर आलम, करण और बमबम को गिरफ्तार किया है। कोर्ट में पेश करके आरोपितों को जेल भेज दिया गया। इनके आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है। अपराधियों के पास से शेफेक्स-टी नाम की प्रतिबंधित कफ सिरप की बोतलें मिलीं। दो स्कॉर्पियो और एक अर्टिगा कार भी जब्त की गई। जांच में पता चला कि बरामद कफ सिरप यूपी के उन्नांव से पटना लाया गया था। गिरोह के सरगना का पता लगाया जा रहा है। हंडेर गांव में गोडाउन बना था।

यह है मामला

सूचना मिली कि नशे के धंधेबाज कफ सिरप की खेप लेकर गुजरने वाले हैं। इसके बाद उषा मार्टिन स्कूल के पास बैरिकेडिंग कर वाहन की जांच की गई। इसी दौरान तीन गाड़ियां रुकीं। तीन लोग उतरकर भाग गए। गाडिय़ों में सवार रहे चार लोगों को गिरफ्तार कर कफ सिरप बरामद किया। इनकी निशानदेही पर हंडेर गांव में छापेमारी में नशीली दवाओं का जखीरा बरामद हुआ। बरामद कफ सिरप की कीमत 18.43 लाख है। ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत करीब 50 लाख है। मौके से ड्रग की टीम ने 8 कार्टन एक्सपायर इंजेक्शन और जेल भी बरामद हुई।

पता चला कि जिस गोडाउन से तस्करों ने कफ सिरप उठाया था, वह सुभाष का है। सुभाष के खिलाफ ड्रग डिपार्टमेंट की टीम पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। रामकृष्णानगर इलाके में एक घर में छापेमारी में नशीली दवाओं की बड़ी खेप मिली थी। सुभाष नशीली दवाएं मंगवाकर ड्रग तस्करों को बेचता था। तब उसका लाइसेंस भी कैंसिल किया गया था। उसके बाद इसने ट्रांसपोर्टर को मिला लिया। उसके साथ मिलकर नशे की दवाओं का अवैध धंधा कर रहा है। ट्रांसपोर्टर की भी पहचान पुलिस ने कर ली है। हालांकि सुभाष लंबे समय से फरार है।