गाजियाबाद (यूपी)। लिव-52 के नाम से नकली टैबलेट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। हिमालय कंपनी की लिव-52 के नाम से नकली टैबलेट बनाने वाले रैकेट के पांच सदस्य गिरफ्तार किए हैं। यह सफलता मुरादनगर पुलिस ने पाई। आरोपियों के कब्जे से 50 हजार टैबलेट व वैगनआर कार बरामद की है। आरोपियों में मयंक , नितिन त्यागी, अनूप गर्ग, तुषार ठाकुर व आकाश ठाकुर शामिल हैं।

यह है मामला

हिमालय कंपनी के प्रतिनिधियों को फर्जी टैबलेट बाजार में बेचने की सूचना मिली थी। जानकारी मिली कि माल मुरादनगर से कोरियर द्वारा भेजा गया था। फर्म जोनी निवासी जलालाबाद के नाम से पंजीकृत कराई गई थी। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि पुलिस ने एक के बाद एक गिरफ्तारी की।

नितिन त्यागी का मोदीनगर में मेडिकल स्टोर है। उसकी जानकारी मोदीनगर में मयंक अग्रवाल से रही है। वह एमआर रहा है। उसी का रिश्तेदार अनूप गर्ग है। वह आकाश ठाकुर के साथ इलेक्ट्रीशियन का काम कर चुका है। नितिन त्यागी राजनीति में भी सक्रिय रहा है। इसलिए उसने सभी को अपने प्रभाव में ले लिया। तुषार गाजियाबाद के मेडिकल कॉलेज से पैरामेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। इसलिए उसकी दवा और उससे जुड़ी तमाम जानकारी है। दवा बनाने में उसकी भूमिका अहम रही है।

माल तैयार होने के बाद उनको कोरियर कराने की जिम्मेदारी आकाश की थी। आरोपियों ने लिवर की नकली दवा बनाने का काम चुना। क्योंकि इसको खाने से तुरंत न कोई फायदा दिखता है और न ही नुकसान। इसको बनाने की पूरी योजना मयंक और नितिन की थी। सैंपल फिलहाल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। आरोपी बाजार भाव से 20 फीसदी कम में माल मेडिकल स्टोर संचालक को देते थे।