राजकोट (गुजरात)। सेक्स स्टैमिना बढ़ाने वाली दवा के नाम पर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। नकली डॉक्टर बनकर बैठे आरोपी ऑनलाइन संपर्क से ग्राहकों को फंसाते थे। उन्हें अश्लील सामग्री भेजकर दवाएं खरीदने के लिए मजबूर करते। इनकार करने पर परिवार के सामने बदनाम करने की धमकी देकर पैसे वसूलते थे। इस मामले में 2 हजार लोगों को निशाना बनाने का दावा है। इसकी पुष्टि के लिए जांच जारी है।
यह है मामला
भायावदर पुलिस ने तीन अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। तीन अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया। इस दौरान 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं पांच अन्य की तलाश जारी है। पुलिस ने कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल समेत 5.16.700 लाख का सामान जब्त किया है। आरोपियों ने बिना लाइसेंस के अपने कार्यालय खोल रखे थे। वे कंप्यूटर, इंटरनेट और मोबाइल फोन के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। सेक्स स्टैमिना बढ़ाने वाले आयुर्वेदिक उत्पादों और विटामिन बी12 की दवाओं की बिक्री का झांसा देते थे। आरोपी फर्जी नामों का इस्तेमाल कर ग्राहकों का भरोसा जीतते थे। फिर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे।

न्यूरो शक्ति प्लस के नाम पर धोखाधड़ी
तीसरे गिरोह का संचालक हार्दिक खामभला बताया गया है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर न्यूरो शक्ति प्लस नामक दवा बेचने के बहाने ठगी करता था। छापेमारी से पहले ही इस गिरोह के आरोपी फरार हो गए। उन्हें वांछित घोषित किया गया है और तलाश जारी है। पुलिस ने इस मामले में खोडीदास मकडय़िा, कौशिक वाला, समेत दस लोगों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान तीनों ठिकानों से 18 कंप्यूटर, 23 मोबाइल फोन, तीन ब्रॉडबैंड उपकरण जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत 5,16,700 रुपये बताई गई है।
फर्जी रिव्यू से जीतते थे ग्राहकों का भरोसा
जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी वेबसाइट पर सरकारी लोगो का अवैध इस्तेमाल करते थे। अंग्रेजी अखबारों की फर्जी समाचार कटिंग आदि से लोगों का भरोसा जीतते थे। दवाओं पर 50 प्रतिशत तक की छूट दिखाई जाती थी। इसके साथ ही महानगरों के काल्पनिक मरीजों की तस्वीरों के साथ सकारात्मक समीक्षाएं दिखाई जाती थीं। इस तरह वेबसाइट पर उत्पादों को प्रभावी बताकर लोगों को खरीदारी के लिए प्रेरित करते थे। भायावदर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।





