जयपुर। फार्मासिस्ट की सेवा जारी रखने संबंधी हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रमुख चिकित्सा सचिव, स्वास्थ्य निदेशक और संबंधित सीएमएचओ को आदेश दिए हैं। कहा है कि वह यूटीबी पर लगे फार्मासिस्ट की सेवा जारी रखने के संबंध में एक माह में निर्णय करे। इस दौरान पूर्व में समान मामले में दिए निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाए।

जस्टिस अशोक कुमार जैन ने यह आदेश उदयभान व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया कि याचिकाकर्ता कई सालों से चिकित्सा विभाग में फार्मासिस्ट लगे हुए थे। विभाग की ओर से हाल ही में फार्मासिस्ट के पदों पर नियमित भर्ती आयोजित कर अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई। कई जिलों में फार्मासिस्ट के दर्जनों पर रिक्त रह गए। वहीं इस नियमित भर्ती का हवाला देते हुए विभाग ने याचिकाकर्ता को कार्य पर आने से मना कर दिया।

याचिका में कहा गया कि विभाग अब खाली रहे पदों को संविदा पर भरेगा। जबकि नियमानुसार एक संविदाकर्मी के स्थान पर दूसरे संविदाकर्मी को नियुक्ति नहीं दी जा सकती। राजस्थान सरकार ने भी साल 2022 में संविदा के पदों पर नियुक्ति के लिए हायरिंग रूल्स लागू किए हैं। इसमें याचिकाकर्ता को समायोजित किया जा सकता है। लेकिन विभाग ने मौखिक रूप से आदेश में उसे सेवा से अलग कर दिया।