महू (मध्यप्रदेश)। अवैध गर्भपात क्लिनिक का भंडाफोड़ हुआ है। काली माता मंदिर के पीछे एक मकान में अवैध क्लिनिक चलाने का मामला सामने आया। गोपनीय सूचना मिलने पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने रेड की। कार्रवाई के दौरान मकान के एक कमरे में ऑपरेशन थिएटर पाया गया। कमरे में दो बेड रखे हुए थे। वहां मरीजों का सलाइन देने सहित सर्जिकल प्रक्रिया की जाती थी।
टीम ने मौके पर जाकर तीन कमरे देखें। इनमें से दो कमरों में क्लिनिक तैयार था। मौके पर अमीषा और उनके पति सुरेंद्र प्रताप भी मौजूद थे। अमीषा महिलाओं का इलाज कर रही थी। पता चला कि अविवाहित युवती का हाल ही में उपचार कराया गया था। प्रशासन ने इसकी आशंका जताई कि युवती ने गर्भपात कराया है। युवती की पहचान कर मेडिकल परीक्षण किया जाएगा।
बीएमओ डॉ. योगेश सिंगारे ने बताया कि अमीषा के पास कोई मान्य चिकित्सकीय डिग्री नहीं थी। वह पहले रेडक्रास अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत रही। अवैध क्लिनिक खोलकर स्वयं को डॉक्टर बताती थी। बिना पंजीकरण सर्जिकल प्रक्रिया करना गंभीर अपराध है। बीएमओ की लिखित शिकायत पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। टीम ने आपरेशन में इस्तेमाल होने वाला सामान और बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं जब्त कर सील कर दिया हैं।










