विरार (महाराष्ट्र)। अवैध शुक्राणु भंडारण केंद्र का भंडाफोड़ हुआ है। एक एजेंसी दानदाताओं द्वारा दान किए शुक्राणुओं का अवैध रूप से भंडारण और व्यापार कर रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को विरार स्थित जीवदानी साइंटिफिक कंपनी में शुक्राणुओं की अवैध बिक्री की सूचना मिली थी। इस पर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भक्ति चौधरी ने एक चिकित्सा दल का गठन किया। दल को परिसर का निरीक्षण करने के आदेश जारी किए। विभाग की टीम निरीक्षण के लिए जीवदानी साइंटिफिक कंपनी गई। वहां पता चला कि कंपनी और उसके अंतर्गत संचालित एजेंसी मयूर भगवत सांखे और कमलेश शंकर खुट के स्वामित्व में थी। एजेंसी अवैध रूप से शुक्राणु का भंडारण और व्यापार कर रही थी। भंडारण सुविधा एआरटी बैंक के रूप में पंजीकृत नहीं थी। इसके अलावा, एजेंसी संचालकों के पास वैध आवश्यक शैक्षणिक योग्यताएं नहीं थीं।