कुशीनगर। खुशी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया गया है। कोटवा के खुशी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत और नवजात का शव जनरेटर पर छोडक़र भागने के मामले में ये कार्रवाई हुई। इस अस्पताल के पांच डॉक्टरों सहित पूरे स्टाफ को कारण बताओ नोटिस दिया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

यह है मामला

मठिया गांव की नीतू नाम की एक महिला और उसके नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि खुशी अस्पताल संचालक राजू श्रीवास्तव ने खुद प्रसव कराया। इससे दोनों की जान गई। अस्पताल संचालक मृत नवजात के शव को डिब्बे में जनरेटर के ऊपर रखकर स्टाफ के साथ फरार हो गया था। इससे पहले भी एक वृद्धा की मौत हो गई थी। एक महीने के भीतर एक ही अस्पताल में तीन जिंदगी खत्म होने को सीएमओ ने गंभीरता से लिया। तीन सदस्यीय टीम ने इस घटना की जांच की। टीम ने इस अस्पताल को मानक के अनुरूप न बताते हुए इसका पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की थी।

इजाजत मिलने के बाद खुशी अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। यही नहीं, अस्पताल के डॉक्टरों सहित पूरे स्टॉफ को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा अस्पताल संचालक पर गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कर रखा है। अस्पताल में पांच डॉक्टर, फार्मासिस्ट सहित पूरा दस का स्टॉफ फरार हैं। इसलिए उनके पते पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किसी हाल में नहीं होने दिया जाएगा।