अमरोहा (उप्र)। नशीली दवा बिक्री मामले में दो मेडिकल स्टोर के लाइसेंस कैंसिल हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में छापे के दौरान दोनों मेडिकल स्टोर द्वारा नशीली दवाओं की खरीद के मामले सामने आए थे।
औषधि विभाग ने जोया स्थित दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद भी जवाब न देने पर दुकान पर नोटिस चस्पा की गई थी। इसके बाद भी जवाब न देने पर सहायक आयुक्त औषधि ने दोनों के लाइसेंस कैंसिल कर दिए हंै। नशीली दवाओं के कारोबार को लेकर पहले भी कई बार कार्रवाई होती रही है।
यह है मामला
औषधि निरीक्षक रुचि बंसल ने बताया कि हिमाचल के जिला ऊना में रैपिड रिलीफ मेडिकोज पर रेड की थी। यहां कोविटाडॉल 100 एसआर (ट्रामाडॉल एचसीएल) टैबलेट बरामद की थी। दवा का कोई बिल नहीं मिला। टैबलेट की मार्केटिंग कंपनी पीबी लाइफ साइसेंज से इसकी बिक्री के बिल लिए। इसमें अमरोहा में केयर मेडिकोज व एएस फार्मा के नाम भी सामने आए।
कंपनी ने इन दोनों मेडिकल स्टोर को करीब एक हजार टेबलेट बेची थी। ऊना के औषधि निरीक्षक ने इसकी जानकारी यहां दी थी। जिस पर औषधि निरीक्षक ने दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी किया। लेकिन नोटिस रिसीव ही नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने दोनों मेडिकल स्टोर पर नोटिस को चस्पा किया गया। दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने सहायक आयुक्त औषधि से इनके पंजीकरण के निरस्त करने की संस्तुति की। सहायक आयुक्त औषधि अरविंद कुमार गुप्ता ने भी कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। जवाब न देने पर दोनों मेडिकल स्टोर के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं।










