रायपुर (छत्तीसगढ़)। नशीली टैबलेट के सप्लायर 4 मेडिकल संचालक समेत 5 अरेस्ट किए गए हैं। इनमें एक आरोपी एमआर बताया गया है। शहर पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुरानी बस्ती, टिकरापारा, खमतराई एवं धरसींवा में स्थित मेडिकल स्टोर संचालक ये नशीले टेबलेट बेचते रहे। सभी स्टोर को सील कर उनके ड्रग लायसेंस कैंसिल करवाने की कार्रवाई की जा रही है । ये टैबलेट कोरियर के माध्यम से अन्य राज्यों से मंगाई जाती रही है। पुलिस, इस तस्करी में इनके मददगारों की जानकारी एकत्र कर रही है।
यह है मामला
एएसपी ने बताया कि पता चला कि कुशालपुर स्थित रत्ना मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित नशीले टेबलेट बेची जा रहा है। इस पर पुलिस ने संचालक को रेड कर पकड़ लिया। आरोपी ने अपना नाम कान्हा कृष्ण कश्यप उर्फ सूरज बताया। मेडिकल स्टोर की तलाशी लेने पर प्रतिबंधित नशीली टेबलेट अल्प्राजोलम रखे मिले। उसके द्वारा किसी प्रकार का कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
उसने टेबलेट को आनंद शर्मा से लाना बताया। इस पर आनंद शर्मा के मकान में भी दबिश दे नशीली टेबलेट जब्त की। पूछताछ में आनंद शर्मा ने स्वयं को मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव होना बताया। वह प्रतिबंधित नशीली टेबलेट को जबलपुर से कोरियर एवं बस ट्रांसपोर्टिंग के माध्यम से मंगाता था। आनंद शर्मा ने टिकरापारा स्थित काव्या मेडिकोज के संचालक धीमन मजूमदार, खमतराई भनपुरी स्थित प्यारी लक्ष्मी मेडिकल स्टोर के संचालक राहुल वर्मा एवं धरसींवा सांकरा स्थित भरोसा मेडिकल स्टोर के संचालक मोह. अकबर को सप्लाई करना बताया।
फ़ौरन अलग-अलग टीमों ने तीनों मेडिकल स्टोर में एक साथ दबिश देकर संचालकों को पकड़ा। सभी आरोपियों से 17,808 नग टेबलेट अल्प्राजोलम एवं स्पासमो टैबलेट , टाटा सफारी सी जी 04 क्यू 0513 एवं 05 मोबाइल फोन जब्त किए हंै। इनकी कुल कीमत 01 करोड़ रूपये है। आरोपियों के विरुद्ध पुरानी बस्ती पुलिस ने केस दर्ज किया है।










