भटहट (गोरखपुर)। आयुष विश्वविद्यालय में बनी दवाएं अब विदेशों में निर्यात की जाएंगी। भटहट स्थित आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित गोष्ठी में यह जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि एनएबीएल के डायरेक्टर पंकज जौहरी ने जागरूकता गोष्ठी को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय की स्कीम को विश्व पटल पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यहां उत्पादित दवाओं का निर्यात विश्व के कई देशों में किया जाएगा। इसके लिए दवा की गुणवत्ता सबसे अच्छी होनी चाहिए। जांच पड़ताल करने के बाद विदेश भेजने के लिए विचार किया जाना आवश्यक है। ताकि बाहर जाने के बाद कोई कमी न निकले। एनएबीएल सबसे महत्वपूर्ण प्रयोगशाला है। उन्होंने बताया कि भारत में साढ़े पांच हजार लाइब्रेरी हैं।










