कानपुर। किडनी कांड में आरोपी मेडीलाइफ अस्पताल का संचालक को अरेस्ट किया गया है। केशवपुरम के मेडीलाइफ अस्पताल के संचालक रोहन को पुलिस ने पकड़ लिया है। पूछताछ में उसने कई अहम राज कबूले हैं। वहीं, जेल भेजे गए दोनों आरोपित ओटी टेक्नीशियन ने भी महिला के ट्रांसप्लांट की बात स्वीकारी है। बाद में महिला की हालत बिगडऩे पर उसे दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

जेल गए दलाल शिवम के मोबाइल पर मिली रिकार्डिंग में भी दूसरा दलाल नवीन इस बारे जानकारी देते सुनाई दे रहा है। पुलिस अब मेडीलाइफ अस्पताल के अन्य साझेदारों संदीप, नरेंद्र व दलाल नवीन समेत आरोपितों की तलाश में है। नवीन लगभग पांच साल से आरोपित डा. रोहित से जुड़ा है। अब पुलिस शिवम का कस्टडी रिमांड लेने के लिए आवेदन करेगी। वहीं, मामले में 50 से ज्यादा निजी अस्पताल भी जांच के घेरे में हैं।

यह है मामला

किडनी रैकेट से जुड़ा मामला 30 मार्च को सामने आया था। केशवपुरम के आहूजा अस्पताल में मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। बिहार के बेगूसराय के आयुष ने दलालों के माध्यम से अपनी किडनी बेची थी। आयुष को तय रकम छह लाख के स्थान पर केवल साढ़े तीन लाख रुपये मिले थे। ये ट्रांसप्लांट ओटी टेक्नीशियन की टीम ने किया था। पुलिस अब तक आहूजा अस्पताल के संचालक डा. सुरजीत आहूजा, उनकी पत्नी डा. प्रीति आहूजा समेत आठ आरोपितों को जेल भेज चुकी है। डीसीपी ने बताया कि अस्पताल के तीन साझेदार संचालक हैं।