NCDRC ने दिल्ली के अस्पताल पर 1.5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया

NCDRC: राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC)  ने हाल ही में दिल्ली के एक अस्पताल पर 1.5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। एक कपल को जब इस बात की भनक लगी कि क्लिनिक की त्रुटि के कारण उनके जुड़वां बच्चे किसी अन्य व्यक्ति के शुक्राणु का उपयोग करके पैदा हुए थे। कपल ने अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी।

एनसीडीआरसी के पीठासीन सदस्य डॉ. एसएम कांतिकर ने इस महीने की शुरुआत में आदेश पारित करते हुए देश में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) क्लीनिकों की बढ़ती संख्या और गलत इलाज से जुड़े संभावित खतरों पर चिंता व्यक्त की थी।

2008 में कपल ने  इंट्रा-साइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन के लिए संपर्क किया था (NCDRC) 

साल 2008 में इंट्रा-साइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई) प्रक्रिया के लिए भाटिया ग्लोबल हॉस्पिटल एंड एंडोसर्जरी इंस्टीट्यूट से संपर्क किया था। महिला ने अपने पति को जैविक पिता मानते हुए 2009 में जुड़वां लड़कियों को जन्म दिया। लेकिन उस वक्त शक हुआ  जब बच्चों में से एक का रक्त समूह अपेक्षित माता-पिता से मेल नहीं खाता, जिसके कारण डीएनए डेस्ट से पता चला कि बच्चों का पिता कोई और है।

इस मामले की जांच करने पर , एनसीडीआरसी ने पाया कि अस्पताल एआरटी प्रक्रिया के दौरान निर्णय में त्रुटि करने के बजाय अनुचित व्यापार प्रथाओं में लिप्त था। आयोग ने एक-दूसरे पर उंगली उठाकर जिम्मेदारी और दायित्व से बचने के लिए अस्पताल की आलोचना की। दंपति ने एक उपभोक्ता मामला दायर कर सेवा में लापरवाही और कमी के लिए 2 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की, जिसमें भावनात्मक तनाव, पारिवारिक कलह और मिश्रण के कारण आनुवंशिक रूप से विरासत में मिली बीमारियों के डर को उजागर किया गया।

प्रत्येक डॉक्टर को 10 लाख रुपए देने का भुगतान करने का निर्देश

एनसीडीआरसी ने भाटिया ग्लोबल हॉस्पिटल एंड एंडोसर्जरी इंस्टीट्यूट को इसके अध्यक्ष और निदेशक सहित दंपति को ₹1 करोड़ का भुगतान करने का आदेश दिया। गर्भावस्था में शामिल दो डॉक्टरों को प्रत्येक को ₹10 लाख का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा, अस्पताल को एनसीडीआरसी के उपभोक्ता कानूनी सहायता खाते में ₹20 लाख जमा करने का निर्देश दिया गया। कुल सम्मानित राशि 1.30 करोड़ रुपये दोनों के वयस्क होने तक प्रत्येक जुड़वां के नाम पर समान अनुपात में सावधि जमा (राष्ट्रीयकृत बैंक में) रखी जायेगी।

also read : बरेली के एक निजी अस्पताल का लाइसेंस रद्द, जीभ के ऑपरेशन के जगह कर दिया खतना

Related Posts

पहाड़ों की सेहत पर शोध के लिए केलांग में बनेगा ICMR का रिसर्च सेंटर

ICMR केलांग में बनाएगी हाई-एल्टीट्यूड मेडिसिन रिसर्च सेंटर; जे.पी. नड्डा ने 12 अक्टूबर को रखी आधारशिला।

अस्पतालों में इलाज की दरें दिखाना जरूरी, केंद्र ने राज्यों को लिखा पत्र

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से अस्पतालों में इलाज की दरें अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में प्रमुखता से प्रदर्शित करवाने को कहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

पहाड़ों की सेहत पर शोध के लिए केलांग में बनेगा ICMR का रिसर्च सेंटर

  • By admin
  • October 20, 2026
  • 5 views
पहाड़ों की सेहत पर शोध के लिए केलांग में बनेगा ICMR का रिसर्च सेंटर

NMC ने मेडिकल शिक्षा के 2023 के मानक नियम वापस लिए, डिस्क्लोजर रिपोर्ट रहेगी जरूरी

  • By admin
  • October 20, 2026
  • 5 views
NMC ने मेडिकल शिक्षा के 2023 के मानक नियम वापस लिए, डिस्क्लोजर रिपोर्ट रहेगी जरूरी

अस्पतालों में इलाज की दरें दिखाना जरूरी, केंद्र ने राज्यों को लिखा पत्र

  • By admin
  • October 20, 2026
  • 5 views
अस्पतालों में इलाज की दरें दिखाना जरूरी, केंद्र ने राज्यों को लिखा पत्र

स्वदेशी मेडिकल डिवाइस बनाने के लिए ICMR ने चुने सात संस्थान, पांच IIT शामिल

  • By admin
  • October 20, 2026
  • 5 views
स्वदेशी मेडिकल डिवाइस बनाने के लिए ICMR ने चुने सात संस्थान, पांच IIT शामिल

देश में बनेगा स्वदेशी 32-स्लाइस CT स्कैनर, TDB ने पैनेसिया मेडिकल से किया करार

  • By admin
  • October 20, 2026
  • 5 views
देश में बनेगा स्वदेशी 32-स्लाइस CT स्कैनर, TDB ने पैनेसिया मेडिकल से किया करार

हावड़ा में NHM के तहत फार्मासिस्ट के 9 पदों पर भर्ती, 31 अक्टूबर तक आवेदन

  • By admin
  • October 20, 2026
  • 5 views
हावड़ा में NHM के तहत फार्मासिस्ट के 9 पदों पर भर्ती, 31 अक्टूबर तक आवेदन