औषधि विभाग की टीम ने निजी अस्पताल में मारा छापा, खून का हो रहा था अवैध कारोबार, पांच ग‍िरफ्तार

गोंडा। यूपी के गोंडा जिले में में खून का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। जिसका पता औषधि विभाग की टीम को लगा टीम ने जब छापा तो पांच लोगों को ग‍िरफ्तार भी कर लिया है। बता दें कि जिले में खून के अवैध कारोबार का राजफाश हुआ है। औषधि विभाग की टीम ने एक निजी अस्पताल में छापेमारी करके पैसे लेकर मरीजों को खून देने के मामले में पांच लोगों को पकड़ा है।

मामले में 13 नामजद समेत अन्य के खिलाफ नगर कोतवाली में एफआइआर कराई गई है। जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही के निर्देश पर सोमवार को औषधि निरीक्षक ओम प्रकाश ने दुखहरण नाथ मंदिर के समीप स्थित एससीपीएम हॉस्पिटल में छापेमारी की। दोपहर करीब दो बजे कुछ लोग खून को लेकर कहासुनी कर रहे थे। जानकारी करने पर पता चला कि नगर कोतवाली के पटेलनगर निवासी बसंत व बलरामपुर के तुलसीपुर थाना क्षेत्र के ओढ़ाझार निवासी सलाहुद्दीन मरीजों को खून दिलाने के नाम पर पैसा लेते हैं।

औषधि निरीक्षक के मुताबिक द गोल्डेन ब्लड संस्था आवास विकास कॉलोनी के अलमास खान निवासी बड़गांव, मो इमरान व अली इलियाज निवासीगण मेवातियान व संस्था के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अवैध तरीके से खून का कारोबार किया जा रहा है। दरअसल द गोल्डेन ब्लड संस्था को सीएमएस के यहां से खून के क्रय विक्रय व भंडारण की कोई अनुमति नहीं है। यही नहीं, औषधि विभाग से भी इनको कोई लाइसेंस नहीं मिला है। सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी व सीएमओ डॉ. अजय सिंह गौतम ने भी ब्लड बैंक पहुंचकर जानकारी ली।

पूछताछ में एससीपीएम हॉस्पिटल व जिला अस्पताल के कर्मियों के साथ मिलकर इन लोगों ने खून के अवैध कारोबार की बात स्वीकार की। नगर कोतवाल आलोक राव का कहना है कि औषधि निरीक्षक की तहरीर पर 13 नामजद समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा हुआ है। पकड़े गए पांच लोगों से पूछताछ में जिन लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है।