नोएडा: बच्चों में होने वाले गंभीर कैंसर की जांच अब नोएडा में ही आधुनिक तकनीक से हो सकेगी। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई (पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ) के पैथोलॉजी विभाग के नए भवन और आधुनिक मॉलिक्यूलर जांच सुविधा की शुरुआत हो गई है। जरूरी मेडिकल सामान आने के बाद अक्टूबर से यहां पूरी क्षमता के साथ जांच शुरू होने की उम्मीद है।

ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और ब्रेस्ट कैंसर की जांच

नई सुविधा में ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर), लिम्फोमा (लसीका ग्रंथि का कैंसर) और ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच आधुनिक तकनीकों से हो सकेगी। इससे मरीजों को समय पर और सटीक जांच रिपोर्ट मिल सकेगी, जिससे सही इलाज तुरंत शुरू करने में मदद मिलेगी।

उद्घाटन में जुटे विशेषज्ञ

नई सुविधा का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह और इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स (आईएपीएम) की उपाध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना मदान की मौजूदगी में हुआ। इस मौके पर एम्स नई दिल्ली और एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा से आए विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए, जिसमें चाइल्ड पीजीआई और जिम्स ग्रेटर नोएडा के मेडिकल छात्रों ने हिस्सा लिया।

क्या है मॉलिक्यूलर जांच

मॉलिक्यूलर जांच में कोशिकाओं के डीएनए, आरएनए और जीन में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया जाता है। कैंसर के मामले में यह जांच बताती है कि कैंसर किस प्रकार का है और उसमें कौन से जेनेटिक बदलाव हैं। इसी आधार पर डॉक्टर तय करते हैं कि मरीज के लिए कौन सा इलाज सबसे प्रभावी होगा। बच्चों में होने वाले रक्त कैंसर के सही प्रकार की पहचान इलाज की सफलता के लिए बेहद अहम होती है।

मरीजों को कैसे होगा फायदा

  • जटिल जांचों के लिए दिल्ली या दूसरे बड़े शहरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।
  • रिपोर्ट जल्दी मिलने से इलाज में देरी नहीं होगी।
  • सरकारी संस्थान में जांच होने से निजी लैब की तुलना में खर्च कम आने की उम्मीद है।
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के जिलों के बच्चों को भी इसका लाभ मिलेगा।

बच्चों में कैंसर के संकेत पहचानें

बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में लंबे समय तक बुखार, बिना कारण वजन घटना, बार-बार संक्रमण, शरीर पर नीले निशान, हड्डियों में दर्द, गर्दन या बगल में गांठ और अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से बच्चों में कई तरह के कैंसर का सफल इलाज संभव है।

स्रोत: अमर उजाला (23 सितंबर 2026)