अमरोहा (उप्र)। एमबीबीएस की डिग्री चोरी कर अस्पताल संचालन करने का पर्दाफाश हुआ है। जालसाजों ने चिकित्सक के नाम से दो अस्पताल का पंजीयन करा लिया। चिकित्सक के अन्य प्रमाण पत्र भी फर्जी तैयार करा लिए। रोगियों का उपचार दिखा कर मेडिकल क्लेम भी लिया जाने लगा। यह फर्जीवाड़ा बीमा कंपनी के इंक्वायरी करने पर सामने आया।

यह है मामला

चिकित्सक की डिग्री किराए पर लेकर अस्पताल का संचालन के मामले चर्चा में रहे हैं। इसमें संबंधित चिकित्सक को यह जानकारी रहती थी। इस बार अपने नाम से दो अस्पताल के संचालन की जानकारी है। पीडि़त चिकित्सक ने आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।

ग्रेटर नोएडा निवासी राजीव चौधरी एमबीबीएस सर्जन हैं। ग्रेटर नोएडा में ही अपना अस्पताल चलाते हैं। उनके पास बीमा कंपनी के सर्वेयर की काल आई थी। बताया कि अमरोहा में उनके डिवाइन हेल्थकेयर अस्पताल की जानकारी करनी है। दूसरे साधना नर्सिंग होम में भर्ती रोगी के मेडिकल क्लेम की जानकारी करनी है। यह सुनकर डा. राजीव चौंक गए।

दरअसल, वह कभी अमरोहा आए ही नहीं थे। उन्होंने सर्वेयर को मना कर दिया। वह स्वयं मामले का पता लगाने में जुट गए। उन्होंने अमरोहा सीएमओ दफ्तर के रिकार्ड से पता किया। यहां दोनों अस्पतालों का पंजीकरण उनके नाम से कराया गया था। इसमें डा. राजीव की डिग्री, शपथ पत्र व फर्जी मुहर व हस्ताक्षर थे। डिग्री तो असली थी, लेकिन शेष सबकुछ फर्जी मिला।

दिल्ली निवासी साहिल खुद को डा. राजीव बता कर रोगियों का उपचार करता है। दुष्यंत कुमार भी बीमा कंपनी के सर्वेयर के रूप में काम करता है। इन अस्पतालों में रोगियों का उपचार होना दिखा कर फर्जी तरीके से बीमा क्लेम लिया जा रहा है। जबकि डा. राजीव आज तक अमरोहा आए ही नहीं थे। अब पीडि़त ने प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।