नई दिल्ली। ड्राई आईज यानि सूखी आंखों की समस्या काफी आम है। ज्यादा स्क्रीन इस्तेमाल करने के चलते यह परेशानी होती है। लोग इसको ठीक करने के लिए आई ड्रॉप्स खरीद लेते हैं। यही आई ड्रॉप्स अब इस बीमारी को खतरनाक बना रही है। बाजार में बेची जा रहीं ड्राई आईज की ड्रॉप्स जहर का काम कर रही हैं। इन पर केंद्रीय दवा नियामक ने तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया है।

सीडीएससीओ ने सभी राज्यों को बाजार में बेची जा रहीं ड्राई आईज की ड्रॉप्स की मंजूरी को तुरंत रद्द करने को कहा है। इसे बनाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। ’सोडियम हाइलूरोनेट आई ड्रॉप्स 0.3 एमएल’ का निर्माण और बिक्री बिना केंद्रीय प्राधिकरण से अनिवार्य मंजूरी के की जा रही है। इस पर तत्काल रोक जरूरी है।

बताया गया कि यह फॉर्मूलेशन नई दवा की श्रेणी में आता है। इसे बाजार में बेचने से पहले मंजूरी लेना जरूरी है। पता चला है कि इसे बिना नियामक की मंजूरी के ही बाजार में मरीजों को बेचा जा रहा है। इससे लोगों की आंखों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। वहीं लोग इस दवा को ड्राई आईज यानि सूखी आंखों की परेशानी होने पर ले रहे हैं।

ड्राई आइज के लक्षण हैं

1. आंखों में जलन और लगातार खुजली होना
2. पलक, आंख की कोर में चुभन या किरकिरापन महसूस होना
3. लाल आंखें होना या हल्की लालिमा आना
4. आंखों से पानी आना
5. नजर का कमजोर या धुंधला होना
6. आंखों में भारीपन और थकान होना
7. रोशनी की तरफ देखने पर संवेदनशीलता महसूस होना
8. सुबह उठने पर आंखों का चिपकना