नई दिल्ली। इंटास फार्मा के बेवाटास ट्रेडमार्क के इस्तेमाल पर स्थायी रूप से प्रतिबंध लग गया है। यह बादेश दिल्ली उच्च न्यायालय ने जारी किया। इंटास को अपनी कैंसर की दवा के लिए बेवेटास ट्रेडमार्क के उपयोग से प्रतिबंधित कर दिया है। कोर्ट ने माना कि यह ट्रेडमार्क सन फार्मा के पंजीकृत ट्रेडमार्क बेवेटेक्स का उल्लंघन करता है।

न्यायमूर्ति तेजस कारिया ने कहा कि सन फार्मा 1983 से बेवेटेक्स ट्रेडमार्क की पंजीकृत स्वामी है। 2015 में व्यावसायिक उपयोग शुरू होने के बावजूद उसके वैधानिक अधिकार संरक्षित हैं। यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब इंटास ने अपनी कैंसर की दवा बेवेटास नाम से लॉन्च की। सन फार्मा ने तर्क दिया कि यह ट्रेडमार्क बेवेटेक्स से भ्रामक रूप से मिलता-जुलता है। कैंसर की दवाओं के बीच भ्रम की संभावना के कारण गंभीर जन स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।

अदालत ने इस बात से सहमति जताई। कोर्ट ने पाया कि समग्र रूप से देखने पर दोनों ट्रेडमार्क संरचनात्मक और ध्वनिगत रूप से समान हैं। भ्रम की संभावना, न कि वास्तविक भ्रम का प्रमाण, उल्लंघन स्थापित करने के लिए पर्याप्त है। इंटास के इस बचाव को खारिज किया कि दवाओं में अलग-अलग अणु होते हैं। वे केवल प्रिस्क्रिप्शन पर मिलने वाली अनुसूची एच की दवाएं हैं। कोर्ट ने कहा कि भ्रम का खतरा प्रिस्क्रिप्शन के समय होता है। साथ ही दवा वितरण और खरीद के दौरान भी होता है।

उच्च न्यायालय ने फार्मास्युटिकल ट्रेडमार्क के लिए सख्त मानक लागू किया। सन फार्मा ने जनहित में हर्जाने का दावा छोड़ दिया। कोई लागत नहीं दी गई।