मुंबई। फार्मा कंपनी सिप्ला ने मिडिल ईस्ट में बड़ा दांव खेला है। Cipla ने Saudi Arabia में ‘Cipla Middle East Company’ नाम से सहायक कंपनी का इनकॉर्पोरेशन पूरा कर लिया है। यह इनकॉर्पोरेशन 1 मार्च से प्रभावी है। इस कदम से Cipla मिडिल ईस्ट के तेज़ी से बढ़ते फार्मास्युटिकल मार्केट में अपनी उपस्थिति और मज़बूत करेगी।

क्या है कंपनी की रणनीति

इस नई सब्सिडियरी का मुख्य उद्देश्य Saudi Arabia में फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमताओं को स्थापित करना है। यह इकाई किंगडम के अंदर आवश्यक मार्केटिंग ऑथोराइजेशन प्राप्त करने का काम भी देखेगी। यह Cipla की global expansion strategy का एक अहम हिस्सा है। इसके तहत कंपनी प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है।

Saudi Arabia का जेनेरिक ड्रग्स मार्केट ज़बरदस्त वृद्धि के पथ पर है। अनुमान है कि यह 2024 में $4.05 बिलियन से बढ़कर 2033 तक $8.11 बिलियन तक पहुंच जाएगा। इसकी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 8.02% रहने की उम्मीद है। इस बढ़ते बाज़ार में सीधी पहुंच Cipla को लोकल डिमांड को पूरा करने और सप्लाई चेन की लीड टाइम को कम करने में मदद करेगी।

इस विस्तार के बीच Cipla को कुछ सप्लाई चेन की चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू FY25 में ₹27,548 करोड़ रहा। वहीं Q3FY26 में सप्लाई चेन की बाधाओं के चलते नेट प्रॉफिट में 57% की बड़ी गिरावट आई। यह ₹675 करोड़ पर आ गया।

बाज़ार में कड़ी प्रतिस्पर्धा

Saudi Arabia के फार्मा बाज़ार में Cipla को Sun Pharma जैसी अन्य भारतीय कंपनियों के साथ-साथ कई ग्लोबल प्लेयर्स से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। सप्लाई चेन की वर्तमान समस्याओं का समाधान भी कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण फोकस क्षेत्र बना रहेगा।