बड़ौत (बागपत)। अवैध नर्सिंग होम पर छापेमारी का मामला प्रकाश में आया है। टीम को मौके पर फार्मासिस्ट इलाज करते हुए मिला। जबकि कोई भी डाक्टर मौजूद नहीं पाया गया।

यह है मामला

स्वास्थ्य विभाग ने नेहरू रोड पर किराए पर लिए एक घर में दबिया दी। यहां नर्सिंग होम चलता हुआ मिला। चिकित्सक की गैर मौजूदगी में फार्मेसिस्ट बच्चों का उपचार करता पाया गया। जांच में सामने आया कि यहां केवल ओपीडी के लिए पंजीकरण था। जबकि नर्सिग होम में सात बच्चों को भर्ती किया गया था। नियम के विरूद्ध घर में संचालित नर्सिंग होम को बंद करा दिया गया। वहीं, सभी बच्चों को सीएचसी भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नर्सिंग होम संचालक को नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है।

एसडीएम भावना सिंह, सीएचसी अधीक्षक डा. विजय कुमार टीम के साथ नर्सिंग होम में पहुंचे। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि नसीम नामक व्यक्ति ने पिछले साल नर्सिंग होम का पंजीकरण कराया था। इसमें डा. सोमेंद्र को डाक्टर दर्शाया गया था। यहां केवल ओपीडी के लिए पंजीकरण कराया गया था। मौके पर सात बच्चें भर्ती हुए मिले। डाक्टर नर्सिंग होम में मौजूद नहीं थे। नर्सिंग होम संचालक नसीम ही बच्चों का उपचार कर रहा था। जानकारी दी गई कि डा. सोमेंद्र बाहर गए हैं। नसीम फार्मेसिस्ट भी है, जिसमें नर्सिंग होम में काफी दवाईयां भी रख रखी है। नर्सिंग होम संचालक को नोटिस जारी करते हुए जबाब मांगा गया है।