फर्रुखाबाद। लाइसेंस नवीनीकरण के बिना संचालित निजी अस्पताल को सील किया गया है। जिले में बीस से अधिक निजी अस्पताल लाइसेंस का नवीनीकरण बिना संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की कथित मिलीभगत सामने आई है। इन अमानक अस्पतालों के खिलाफ जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई शुरू हुई है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वयं एक निजी नर्सिंगहोम को सील कर दिया।
शहर के मसेनी स्थित राधा वल्लभ नर्सिंगहोम के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार ने डिप्टी सीएमओ के साथ छापा मारा। हालांकि, विभागीय कर्मचारियों द्वारा सूचना लीक होने के कारण नर्सिंगहोम में कोई नहीं मिला। सीएमओ ने बताया कि ताला खुलवाकर देखने पर बेड मिले। इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। अब जिले में कोई भी अवैध, अमानक या बिना नवीनीकरण कराया निजी अस्पताल नहीं चलने दिया जाएगा।
जिले में कुल 180 से अधिक निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। जबकि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की सूची में 130 एमबीबीएस डॉक्टर हैं। आरोप है कि अधिकांश निजी अस्पताल संचालक किराये पर डिग्री लगाकर पंजीकरण कराते हैं। फिर झोलाछापों से मरीजों का इलाज कराकर उनकी जान जोखिम में डालते हैं।










