रायबरेली। दवा एजेंसियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बिल न मिलने पर 10 दवाओं की बिक्री रोक दी गई। ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने सलोन क्षेत्र में दवा एजेंसियों का निरीक्षण किया था। कई दवाओं के संपल लिए गए हैं। उनमें चार नारकोटिक्स और छह एंटीबॉयोटिक्स दवाएं हैं। टीम के पहुंचते ही कई मेडिकल स्टोर संचालक दुकानें बंद कर भाग गए।

यह है मामला

नकली दवाओं के खिलाफ शासन स्तर से अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। इसी के चलते ड्रग इंस्पेक्टर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने दवा एजेंसियों की जांच की। पहले दिन उन्होंने सलोन के अलीगंज स्थित साहू मेडिकल एजेंसी का निरीक्षण किया। यहां बिल न मिलने पर नारकोटिक्स की चार दवाओं की बिक्री रोक दी। एक संदिग्ध दवा का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया।

परशदेपुर रोड स्थित संजीवनी में छह एंटीबायोटिक्स की संदिग्ध दवाओं की बिक्री रोक दी। खामियां मिलने पर संबंधितों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। 10 दवाओं की बिक्र रोकते हुए एक दवा का नमूना भरा गया है। संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।

इन दवाओं की बिक्री पर शासन स्तर से खुले बाजार में रोक है। चिकित्सक की संस्तुति पर ही दवा खरीदी जा सकती है। जिन मेडिकल स्टोरों को नारकोटिक्स दवा का लाइसेंस दिया गया है। उनको पूरा बिक्री का पूरा रिकार्ड रखना होता है।