वाराणसी (उप्र)। होलसेल दवा की दुकान में नमकीन बेचने का मामला प्रकाश में आया है। सारनाथ में कई दुकानें ऐसी मिलीं हैं। इनके नाम कागज पर होलसेल फॉर्मा हैं। जबकि मौके पर टीम को नमकीन की दुकान मिली है। जांच टीम को 20 से अधिक दवा फर्म बोगस मिली हैं।

रांची की शैली ट्रेडर्स ने वाराणसी में बड़ी संख्या में फर्जी बिलिंग कर सिरप सप्लाई की है। औषधि प्रशासन की आयुक्त रोशन जैकब के निर्देशन में छापेमारी की गई। 26 फर्मों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एडिशनल कमिश्नर रेखा चौहान तीन दिन से वाराणसी में हैं। साथ ही पांच जिलों के ड्रग इंस्पेक्टर की टीम फर्मों की जांच कर रही हैं। इस टीम ने भी कई जालसाजी पकड़ी है।

जांच में अफसर हो गए हैरान

शैली ट्रेडर्स से सारनाथ के अलावा कई फर्मों के नाम पर सिरप बिक्री की जानकारी मिली है। सारनाथ में टीम के पहुंचने पर जब फर्म के बारे में पूछा गया तो तीन दुकानों पर नाबालिग बच्चे बैठे मिले। यहां किसी तरह की कोई दवा नहीं पाई गई। कफ सिरप भी नहीं मिला।

एक फर्म पर सिर्फ सेनेटरी नैपकिन बेची जा रही थी। जबकि फर्म को दवाइयों के लिए खोला गया था। सारनाथ में होलसेल की कई दुकानों पर दवा नहीं मिली। एडिशनल कमिश्नर रेखा ने बताया कि जांच जारी रहेगी। कुछ फर्मों का बोर्ड लगा मिला लेकिन जाने पर कुछ नहीं मिला। दवाओं के सैंपल तक नहीं पाए गए।