कानपुर (उप्र)। मेडिकल स्टोर खोले बिना ही दवाओं की बिक्री की गई। महाराजपुर स्थित मां दुर्गा मेडिकोज के संचालक ने कोडीन कफ सिरप की बोतलें खरीदी। यह खरीदारी रोहन पचौरी ने लखनऊ के आरपिक फार्मास्यूटिकल से की। विभाग की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। अब जाकर रोहन पचौरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
रोहन ने स्टोर के लिए दुकान को किराये पर लिया था। वहां कभी संचालन किया ही नहीं। नशीली दवाओं को खरीदकर दूसरी जगह बेचता रहा। ड्रग विभाग को इसका पता चला। दरअसल, लक्ष्मी फार्मा के संचालक राहुल अग्रवाल की फर्म में पंजाब से पुलिस छानबीन करने पहुंची। यहीं से रोहन पचौरी के नशीली दवाओं को बेचने के सुबूत मिले। इसके बाद टीम ने जांच की और सच्चाई सामने आई। 12 अक्तूबर को ड्रग इंस्पेक्टर ने निरीक्षण किया।
मौके पर दुकान बंद मिली। मकान मालिक अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दुकान किराये पर ली थी। मेडिकल स्टोर कभी संचालित नहीं किया गया। एग्रीमेंट पूरा होने पर दुकान में ताला डाल दिया। मेडिकल स्टोर बंद करने की सूचना भी रोहन ने ड्रग विभाग को नहीं दी। ऑन रिकॉर्ड उसकी ओर से दवाओं की खरीद फरोख्त की जा रही थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर रोहन को फोन लगाया तो उसने कहा कि वो शहर में नहीं है। वो दोबारा कभी मिलने नहीं आया। उसने ड्रग विभाग को लाइसेंस देते समय फीलखाना स्थित जहां अपना घर बताया था वो भी फर्जी निकला। उसका फोन भी बंद जा रहा था। ड्रग विभाग ने इसकी सूचना पुलिस को भी दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।










